लड़की के जन्म पर 2000, इंटर करने पर 10 और ग्रेजुएशन पर मिलेंगे 25 हजार रुपए

पटना.बिहार में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया। अब लड़की के इंटर पास करने पर सरकार उसे 10 हजार रुपए देगी। लेकिन उसके अविवाहित होने की शर्त रखी गई है। इसी तरह लड़की के ग्रैजुएशन करने पर 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। हालांकि ग्रैजुएशन में लड़की के विवाहित या अविवाहित होने की शर्त नहीं रहेगी। गुरुवार को कैबिनेट की विशेष बैठक में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना को मंजूरी दी गई। नई योजना इसी माह से लागू कर दी जाएगी। इस योजना का लाभ परिवार के दो बच्चों तक ही सीमित रहेगा।

#इसी माह से लागू होगी योजना, दो बच्चों तक ही मिलेगा सारा लाभ

1 वर्ष की उम्र में आधार लिंक होने पर 1000 व टीकाकरण पूरा होने पर 2000 रु. मिलेंगे
– मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में बच्ची के जन्म होने पर माता-पिता के बैंक खाते में 2000 रु. दिए जाएंगे। एक वर्ष की उम्र में उसका आधार लिंक होने पर 1000 रु. व टीकाकरण पूरा हो जाने पर 2000 रु. दिए जाएंगे।

सैनेटरी नैपकिन के लिए 300 रु.
– बच्चियों को सैनेटरी नैपकिन के लिए अब 150 रु. की बजाए 300 रु. मिलेंगे।
– इस तरह हरेक बच्ची को जन्म से ग्रैजुएशन तक 54100 रुपए मिलेंगे।
-अभी लड़कियों से जुड़ी योजनाओं पर सालाना 840 करोड़ खर्च होते हैं। नई योजना लागू होने पर यह रकम बढ़कर 2221 करोड़ हो जाएगी। यानी सरकार को हरेक वर्ष सालाना करीब 1400 रु. का अतिरिक्त इंतजाम करना पड़ेगा।

योजना का लाभ किन छात्राओं को

– राजकीय, गैर सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक, माध्यमिक, प्लस-2 स्कूलों/ प्रस्वीकृत/ संबद्ध स्कूलों, प्रस्वीकृत मदरसा / संस्कृत व वित्तरहित कॉलेजों/ अंगीभूत व विवि से संबद्धता प्राप्त कॉलेजों की छात्राएं लाभान्वित होंगी।

अब सभी तेजाब पीड़ित को नि:शक्तता पेंशन
– राज्य में तेजाब पीड़ित को भी बिहार नि:शक्तता पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे लोगों को प्रतिमाह 400 रुपए दिए जाएंगे। पेंशन देने के लिए दिव्यांगता की न्यूनतम अर्हता 40 प्रतिशत की शर्त को विलोपित कर दिया गया है।

मुख्य सचिव बोले- जन्म से ग्रेजुएशन तक एक बच्ची को मिलेंगे 54100 रुपए
– मुख्य सचिव ने बताया कि महिलाओं के सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना लागू की है। बालिकाओं के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना, छात्रवृति योजना से कक्षाओं में लड़के/लड़कियोंं का अनुपात लगभग बराबर हो गया है। फिर भी बाल विवाह और दहेज प्रथा की वजह से कई चुनौतियां बनी हुई है।

कन्या उत्थान योजना के उद्देश्य
– कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, लड़कियों का जन्म निबंधन व संपूर्ण टीकाकरण, लिंग अनुपात में वृद्धि, शिशु मृत्यु दर में कमी, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, बाल-विवाह पर अंकुश, प्रजनन दर में कमी, आत्मनिर्भर बनाना, सम्मानपूर्वक जीवन-यापन, परिवार-समाज में लड़कियों के आर्थिक योगदान बढ़ाना।

आंगनबाड़ी के 32 लाख बच्चों को पोशाक के लिए 400 रु.
– समेकित बाल विकास छत्र योजना के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 3-6 वर्ष के बच्चों को पोशाक के लिए सालाना 250 रुपये की बजाए 400 रुपये दिए जाएंगे। सरकार के इस फासले के लगभग 32 लाख बच्चों को लाभ होगा।

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